भारत चीन और अमेरिका के बाद तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बन गया है, जिसमें 26 शहरों में 1,143 किमी से अधिक का जाल है। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में दिल्ली में पिंक और मजेंटा लाइन पर नए कॉरिडोर का उद्घाटन किया। दिल्ली मेट्रो 55% से अधिक यात्रियों को सेवा देती है, जिसकी समयबद्धता 99.9% है।

पिंक और मजेंटा लाइन पर दो नए कॉरिडोर शुरू होने से भारत अब चीन और अमेरिका के बाद विश्व का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बन गया है। यहां 26 शहरों में 1,143 किलोमीटर से अधिक लंबा मेट्रो नेटवर्क है। प्रतिदिन लगभग 1.15 करोड़ यात्री इनका उपयोग करते हैं। इनमें से 55 प्रतिशत से अधिक यात्री दिल्ली मेट्रो में यात्रा करते हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आठ मार्च को मजेंटा लाइन के दीपाली चौक से मजलिस पार्क और पिंक लाइन के मजलिस पार्क से बाबरपुर कॉरिडोर का उद्घाटन किया था। दो नए कारिडोर के उद्घाटन से दिल्ली व एनसीआर के शहरों में ही लगभग 416 किलोमीटर लंबा मेट्रो नेटवर्क हो गया है। यहां कुल 303 मेट्रो स्टेशन शामिल हैं।
इसमें लगभग 29 किलोमीटर की नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो (21 स्टेशन) और 13 किलोमीटर की रैपिड मेट्रो गुरुग्राम (12 स्टेशन) शामिल हैं। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के प्रधान कार्यकारी निदेशक (कारपोरेट कम्युनिकेशन) अनुज दयाल का कहना है कि दिल्ली मेट्रो 343 ट्रेनों का संचालन करती है। इन ट्रेनों के प्रतिदिन लगभग 4,508 फेरे लगते हैं। इसकी समयबद्धता 99.9 प्रतिशत है जिससे यह विश्व की सबसे विश्वसनीय मेट्रो प्रणालियों में से एक है।
मेट्रो यात्रियों की संख्या में हो रही है वृद्धि
मेट्रो कॉरिडोर के विस्तार के साथ ही यात्रियों की संख्या भी बढ़ रही है। पिछले छह वर्षों में 51.3 करोड़ की वृद्धि हुई है। वर्ष 2019 में 184.5 करोड़ यात्रा (पैसेंजर जर्नी) हुई थी। वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 235.8 करोड़ हो गई। यदि कोई यात्री मेट्रो बदलकर दूसरे कॉरिडोर में यात्रा करता है तो उसकी गिनती दो बार और तीन कारिडोर में यात्रा करने पर तीन बार गिनती की जाती है।
इसके आधार पर पैसेंजर जर्नी की गणना की जाती है। दयाल का कहना है कि पिछले दो वर्षों के आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि दिल्ली मेट्रो नेटवर्क पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और लोग दैनिक आवागमन के लिए इस प्रणाली पर अधिक निर्भर हो रहे हैं। आठ अगस्त, 2025 को अब तक का सबसे अधिक एक दिन में 81,87,674 पैसेंजर जर्नी हुई।